
वरलक्ष्मी व्रत
सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण के लिए


- 9 चरण
- ~4 मिनट
- पुरोहित द्वारा रिकॉर्ड किया गया
- 6 लिपियाँ + अर्थ
इस पूजा के बारे में
वरलक्ष्मी व्रत श्रावण पूर्णिमा से पहले आने वाले शुक्रवार को सुहागिन स्त्रियाँ पूरे परिवार के लिए माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने हेतु रखती हैं।
यह मार्गदर्शित पूजा पुरोहित जी की आवाज़ और हर मंत्र के पाठ के साथ आपको प्रत्येक चरण से होकर ले चलती है।
आपको क्या चाहिए होगा
एक बार जुटा लें, तैयारी करते हुए निशान लगाएँ।
- वरलक्ष्मी देवी का चित्र या मूर्ति
- कलश (पवित्र घट)
- हल्दी-कुमकुम
- चंदन
- फूल (विशेषकर कमल)
- अक्षत (चावल के दाने)
- नारियल · 2
- पान-सुपारी
- फल और नैवेद्य
- अगरबत्ती और कपूर
- तोरम (पवित्र धागा)
सभी 9 चरण
गणेश ध्यान
जप · 1 मिनट
संकल्प
जप · 1 मिनट
कलश पूजा
जप · 1 मिनट
वरलक्ष्मी आवाहन
जप · 1 मिनट
लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली
108 नाम · 1 मिनट
तोरम पूजा
जप · 1 मिनट
नैवेद्य
जप · 1 मिनट
क्षमा प्रार्थना
जप · 1 मिनट
मंगल आरती
आरती · 1 मिनट
झलक · चरण 1
गणेश ध्यान
शुक्लाम्बरधरं विष्णुं
śuklāmbaradharaṃ viṣṇuṃ
शशिवर्णं चतुर्भुजम्
śaśivarṇaṃ caturbhujam
प्रसन्नवदनं ध्यायेत्
prasannavadanaṃ dhyāyet
सर्वविघ्नोपशान्तये
sarvavighnopaśāntaye
पुरोहित को सुनने और हर पंक्ति के साथ चलने के लिए अनलॉक करें